मोबाइल का आविष्कार किसने किया और कब किया

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मोबाइल का आविष्कार किसने किया और कब किया

मोबाइल फ़ोन के बारे और उसके फ़ोन के अविष्कार के बारे में आइए जानते हैं। 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी इतनी विकसित हो गई है अब मोबाइल की मदद से ना केवल बातचीत करते हैं बल्कि इंटरनेट के माध्यम से फेसबुक व्हाट्सएप टि्वटर और जीमेल आदि से अपने दोस्तों एवं अपने ऑफिस से जुड़े रहते हैं

मोबाइल का आविष्कार किसने किया और कब किया

पहला मोबाइल फोन कब और कहां बना था

लेकिन क्या आपको पता है कि पहला मोबाइल फोन कब और कहां बना था और इसे बनाने वाले व्यक्ति कौन थे यदि आप इस प्रश्न के उत्तर से अनजान है तो इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप अवश्य जान जाएंगे कि पहला मोबाइल फोन कब और कहां बना था और इसे बनाने वाला व्यक्ति कौन था

दुनिया का पहला मोबाइल फोन कब बना था

दुनिया के पहले मोबाइल फोन का निर्माण मार्टिन कूपर नामक एक अमेरिकी इंजीनियर ने किया था जिसे उन्होंने 3 अप्रैल 1973 को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया था यह विश्व का पहला फोन था जो कि आम लोगों के लिए यह बनाया गया था क्योंकि इससे पहले रेडियो फोन और वायरलेस फोन भी उपलब्ध थे लेकिन उसका अधिकतर इस्तेमाल फौज द्वारा किया जाता था

मार्टिन कूपर ने मैनहट्टन में स्थित अपने ऑफिस से न्यूजर्सी में स्थित बेल लैब्स के मुख्यालय में पहला कॉल किया था मार्टिन कूपर ने आज के समय के अग्रनिए मोबाइल कंपनी मोटोरोला के साथ मिलकर इस मोबाइल फोन का निर्माण किया था

तथा बाद में वह इस कंपनी के CEO भी बने मार्टिन कूपर को दुनिया के पहले मोबाइल फोन के निर्माण के कारण साल 2013 में संचार के क्षेत्र में किए गए विलक्षण कार्य के लिए मारकोनी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया दुनिया की पहली कमर्शियल सेल्यूलर फोन सेवा 1979 में NTT नामक जापानी कंपनी ने टोक्यो में शुरू की थी

भारत में पहला मोबाइल फोन कब आया था

इसके बाद 1981 में डेनमार्क फिनलैंड नार्वे स्वीडन में मोबाइल फोन सेवाएं शुरू हुई थी जिसका नाम था नॉर्विक मोबाइल टेलीफोन 1983 में अमेरिका के शिकागो शहर में एमेरिटस नाम से 1g टेलीफोन नेटवर्क की शुरुआत हुई थी भारत में पहली मोबाइल सेवा 15 अगस्त 1995 को दिल्ली में गैर व्यवसायिक तौर पर शुरू की गई थी आज भले ही हल्के और स्लिम फोन आ गए हैं लेकिन जिस मोबाइल से पहली कॉल की गई थी उसका वजन 1.1 किलोग्राम था

साथ ही यह मोबाइल 13 सेंटीमीटर मोटा आओ 4.45 सेंटीमीटर चौड़ा था जिसकी तुलना ईटा जूते से की जाती थी जहां आज के मोबाइल को चार्ज होने में 15 से 20 मिनट का समय लगता है

और उसकी बैकअप क्षमता भी 1 से 2 दिन होती है वही दुनिया के पहले मोबाइल को पूरी तरह से चार्ज होने में 10 घंटे का समय लगता था और उसके बाद भी यह सिर्फ 20 मिनट तक ही चल पाता था पहले मोबाइल फोन की बैटरी का वजन आज की तुलना में 4 से 5 गुना ज्यादा था

1983 में मोटोरोला ने जिस पहले मोबाइल हैंडसेट को बाजार में उतारा था उसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपए थी इस मोबाइल हैंडसेट का नाम था (डायनाटेक एट थाउजेंड एक्स) 1979 में फर्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी की शुरुआत जापान में हुई थी

जिसकी मदद से एक बार में कई लोग आपस में कॉल कर सकते थे 1991 में 2G टेक्नोलॉजी की शुरुआत फिनलैंड में हुई थी 2G टेक्नोलॉजी की शुरुआत के पूरे 10 साल बाद 2001 में 3G टेक्नोलॉजी आई जिससे जापान की कंपनी NCC डोकोयो ने शुरू किया था

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